4-5 जून, 2026, नई दिल्ली
अखिल भारतीय समन्वित नेटवर्क परियोजना ऑन पेस्टीसाइड रेजिड्यूज़ एंड कंटैमिनेंट्स (एआईएनपी-पीआर एवं सी), भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली, द्वारा, मेसर्स सिमाडजू इंडिया प्राईवेट लिमिटेड. के सहयोग से, 4-5 जून, 2026 के दौरान ‘अवशिष्ट कीटनाशक विश्लेषण’ पर दो दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों के तकनीकी ज्ञान और कीटनाशक अवशेष परीक्षण तथा खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में व्यावहारिक कौशल को सुदृढ़ करना था।

डॉ. चेरुकमल्ली श्रीनिवास राव, निदेशक, भाकृअनुप-आईएआरआई, ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया और सतत कृषि पद्धतियों को समर्थन देने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुपालन को सुगम बनाने में कीटनाशक अवशेष परीक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने डॉ. वंदना त्रिपाठी, समन्वयक, एआईएनपी-पीआर एवं सी, तथा मेसर्स सिमाडजू इंडिया प्राईवेट लिमिटेड को सार्वजनिक–निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के अंतर्गत इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई दी, जिसने उद्योग–संस्थान सहयोग को बढ़ावा दिया तथा प्रतिभागियों को कीटनाशक अवशेष विश्लेषण में समकालीन प्रौद्योगिकियों और सर्वोत्तम प्रथाओं से परिचित होने का अवसर प्रदान किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विभागों एवं निजी प्रयोगशालाओं से कीटनाशक अवशेष परीक्षण से जुड़े 50 से अधिक शोधकर्ता, वैज्ञानिक, रसायनज्ञ, वैज्ञानिक एवं तकनीकी अधिकारी तथा प्रयोगशाला कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कीटनाशक अवशेष विश्लेषण के सिद्धांतों एवं कार्यप्रणालियों पर व्यापक प्रशिक्षण तथा व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया, जिसमें नमूना तैयारी, निष्कर्षण, शुद्धिकरण प्रक्रियाएं, उपकरण संचालन, गुणवत्ता आश्वासन तथा विश्लेषणात्मक परिणामों की व्याख्या शामिल थी।
विशेषज्ञों ने मानक संचालन प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया तथा खाद्य सुरक्षा मूल्यांकन, नियामक अनुपालन और अधिकतम अवशेष सीमा (एमआरएल) निर्धारण के लिए विश्वसनीय विश्लेषणात्मक आंकड़े उत्पन्न करने के महत्व पर प्रकाश डाला।
(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली)







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