भाकृअनुप-एनबीएफजीआर ने जलीय आनुवंशिक संसाधन प्रबंधन में उत्कृष्टता के 42 साल पूरे होने का मनाया जश्न

भाकृअनुप-एनबीएफजीआर ने जलीय आनुवंशिक संसाधन प्रबंधन में उत्कृष्टता के 42 साल पूरे होने का मनाया जश्न

12 दिसंबर, 2025, लखनऊ

भाकृअनुप–राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, लखनऊ, ने आज अपना 42वां स्थापना दिवस एक दिन के कार्यक्रम के आयोजन के साथ मनाया, जिसमें विद्वानों द्वारा चर्चाएं, संस्थागत सम्मान, हितधारकों के साथ बातचीत और जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल थीं, जो देश में जलीय आनुवंशिक संसाधन प्रबंधन में ब्यूरो के स्थायी योगदान को उजागर करती हैं।

मुख्य अतिथि, प्रो. (डॉ.) एन. फेलिक्स, कुलपति, तमिलनाडु डॉ. जे. जयललिता मत्स्य विश्वविद्यालय, ने स्थापना दिवस पर संबोधन दिया तथा जलीय संसाधन प्रबंधन में वर्तमान चुनौतियों और भविष्य के अवसरों पर बात की, जिसमें क्षेत्रीय लचीलेपन को बढ़ाने के लिए अनुकूलन तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया।

ICAR–NBFGR Celebrates 42 Years of Excellence in Aquatic Genetic Resource Management

विशिष्ट अतिथि, श्री एन.एस. रहमानी, निदेशक, मत्स्य विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार ने भाकृअनुप-एनबीएफजीआर के प्रभावशाली कार्यक्रमों की सराहना की, जिन्होंने पूरे राज्य में जलीय संसाधन संवर्धन को मजबूत किया है और आजीविका ढांचे का समर्थन किया है।

विशेष अतिथि, प्रो. (डॉ.) ए.एन. मुखोपाध्याय, पूर्व कुलपति, असम कृषि विश्वविद्यालय, ने उभरती जलवायु चुनौतियों के संदर्भ में संसाधन संरक्षण के लिए अंतर-विषयक अनुसंधान, वैज्ञानिक नेतृत्व तथा दूरदर्शी रणनीतियों के महत्व पर जोर दिया।

सभा को संबोधित करते हुए, डॉ. काजल चक्रवर्ती, निदेशक, भाकृअनुप-एनबीएफजीआर, ने जलीय आनुवंशिक संसाधन प्रबंधन और संरक्षण में ब्यूरो की प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियों और राष्ट्रीय जैव विविधता जनादेश में इसके महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने संस्थान के बढ़ते राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, इसके अनुवाद अनुसंधान परिणामों तथा राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप सतत विकास को आगे बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।

इस अवसर पर, मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने संस्थान के कई प्रकाशनों का विमोचन किया, जिसके बाद एक पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया जिसमें भाकृअनुप-एनबीएफजीआर के कर्मचारियों और सहयोगियों के उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित किया गया। शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करने के लिए भाकृअनुप-एनबीएफजीआर और टीएनएफयू के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किया गया तथा उसका आदान-प्रदान किया गया।

\इस समारोह में एनएएएस फेलो सहित कई प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। भाकृअनुप-एनबीएफजीआर के पीएजीआर केन्द्र, कोच्चि में भी समानांतर स्थापना दिवस समारोह आयोजित किए गए, जिसमें मुख्य अतिथि, डॉ. एन.जी.के. पिल्लई, पूर्व भाकृअनुप एमेरिटस वैज्ञानिक उपस्थित थे। इस अवसर के हिस्से के रूप में, गणमान्य व्यक्तियों ने राष्ट्रीय अभियान "एक पेड़ माँ के नाम" के तहत वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया। 

ICAR–NBFGR Celebrates 42 Years of Excellence in Aquatic Genetic Resource Management

इसके अलावा, ब्यूरो ने नेशनल फिश म्यूज़ियम-कम-रिपॉजिटरी में एक फार्म इनोवेटर्स डे का आयोजन किया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. एस.डी. सिंह, पूर्व असिस्टेंट डायरेक्टर जनरल (इनलैंड फिशरीज़), ने की, साथ ही अन्य वरिष्ठ अधिकारी सह-अध्यक्ष के रूप में मौजूद थे। इस सेशन में प्रगतिशील किसानों, एफएफपीओ सदस्यों तथा विषय विशेषज्ञों के बीच सार्थक बातचीत हुई, साथ ही इनोवेटिव और टिकाऊ खेती के तरीकों को अपनाने के लिए इनपुट भी बांटा गया।

दिन का समापन एक शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ, जो भाकृअनुप-एनबीएफजीआर परिवार की सामूहिक भावना और भाईचारे को दर्शाता था। फाउंडेशन डे समारोह ने भारत के जलीय आनुवंशिक संसाधनों की सुरक्षा तथा उन्हें आगे बढ़ाने में वैज्ञानिक उत्कृष्टता, हितधारकों की भागीदारी एवं राष्ट्रीय सेवा के प्रति भाकृअनुप-एनबीएफजीआर की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

(स्रोत: भाकृअनुप–राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, लखनऊ)

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