11 दिसंबर, 2025, भुवनेश्वर
भाकृअनुप–केन्द्रीय मीठाजल जीव पालन संस्थान ने आज डॉ. पी.के. साहू, निदेशक, भाकृअनुप–सीफा, की मौजूदगी में जेनेटिकली बेहतर कार्प सीड के देशव्यापी प्रसार को मजबूत करने के लिए दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया।
श्रीमती खुसिरानी मोहंती, प्रतिनिधि, फिनस्पायर हैचरी, ओडिशा और श्री राहुल अमीन, प्रतिनिधि, सोफिकुल हैचरी, असम, ने इस एमओयू पर हस्ताक्षर किया। इन समझौतों के साथ, इन दोनों हैचरी को औपचारिक रूप से भाकृअनुप–सीफा की क्रमशः 15वीं और 16वीं मल्टीप्लायर यूनिट के रूप में पूरे देश में एएचआर जयंती रोहू और सीफा–अमृत कतला के उत्पादन और आपूर्ति के लिए अधिकृत किया गया है।

हस्ताक्षर समारोह में कई जाने-माने विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जिनमें प्रो. बास्करन मणिरमन, चेयरमैन, क्यूआरटी तथा पूर्व वाइस-चांसलर, तमिलनाडु डॉ. जे. जयललिता मत्स्य विश्वविद्यालय, नागपट्टिनम; डॉ. डैम रॉय, पूर्व निदेशक, भाकृअनुप-सीसीएआरआई, अंडमान; डॉ. असीम के. पाल, पूर्व संयुक्त निदेशक, भाकृअनुप–सीफे, मुंबई; और डॉ. रणधीर सिंह, पूर्व सहायक महानिदेशक (कृषि विस्तार), भाकृअनुप शामिल थे। गणमान्य व्यक्तियों ने उच्च गुणवत्ता वाले, जेनेटिकली बेहतर मछली बीज तक देशव्यापी पहुंच बढ़ाने के लिए भाकृअनुप–सीफा के लगातार प्रयासों की सराहना की, जो भारतीय मत्स्य पालन में उत्पादकता, लाभप्रदता और स्थिरता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है।
ये एमओयू सार्वजनिक-निजी भागीदारी को मज़बूत करने और किसानों को बेहतर मछली बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है, जिससे देश में मीठे पानी के मत्स्य पालन क्षेत्र के स्थायी विकास में योगदान मिलेगा।
(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय मीठाजल जीव पालन संस्थान, कौसल्यागंगा, भुवनेश्वर)







फेसबुक पर लाइक करें
यूट्यूब पर सदस्यता लें
X पर फॉलो करना X
इंस्टाग्राम पर लाइक करें