अनुसंधान प्राथमिकताएं

अनुसंधान प्राथमिकताएं

प्रमुख अनुसंधान क्षेत्र 
a)  कृषि प्रौद्योगिकियों के अनुप्रयोग, जलवायु कार्रवाई और फीडबैक के लिए उनके प्रत्यक्ष पहुंच इंटरफेस को उत्प्रेरित करना। 
b)  किसानों, कृषि महिलाओं, युवाओं तथा प्रसार कार्यकर्ताओं के आवश्यकता-आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से कौशल एवं क्षमता विकास; तथा पहुंच से वंचित लोगों तक पहुंचने के लिए उपयुक्त अभिसरण और साझेदारियां विकसित करना। 
c)  उपयोगी कृषि ज्ञान को एकत्रित, संकलित, प्रकाशित एवं प्रसारित करने तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कृषि परामर्श प्रदान करने के लिए सूचना, ज्ञान और नवाचार केन्द्र के रूप में कार्य करना। 
d)  अंगीकरण में तेजी लाने के लिए स्थानीय रूप से प्रासंगिक महत्वपूर्ण इनपुट की पूर्ति करना। 
e)  दोहरे फीडबैक लूप, सार्वजनिक-निजी भागीदारी और अन्य मीडिया के लिए ऑनलाइन डेटा कैप्चर प्रणाली के माध्यम से नवोन्मेषी गैर-रेखीय प्रसार का लाभ उठाना तथा उसे मजबूत करना। 
f)  पोषण, स्वास्थ्य एवं आजीविका रणनीति के लिए लैंगिक परिप्रेक्ष्य के साथ कृषि प्रौद्योगिकियों, पद्धतियों और नीतियों को परिष्कृत करना।

प्रमुख चुनौतियां जिनका समाधान किया गया 
a) प्रौद्योगिकी अंगीकरण में अंतर: प्रभावी प्रौद्योगिकी मूल्यांकन, प्रदर्शनों और किसानों के फीडबैक के माध्यम से कृषि अनुसंधान तथा खेत-स्तरीय अनुप्रयोग के बीच के अंतर को पाटना।
b) कौशल एवं क्षमता की आवश्यकता: किसानों, कृषि महिलाओं, ग्रामीण युवाओं और प्रसार कार्यकर्ताओं के बीच निरंतर, मांग-आधारित कौशल विकास की आवश्यकता को पूरा करना।
c) ज्ञान तथा सूचना में अंतर: विश्वसनीय कृषि सूचना, डिजिटल ज्ञान संसाधनों और स्थान-विशिष्ट कृषि परामर्श तक समय पर पहुंच सुनिश्चित करना।
d) सीमित पहुंच तथा समावेशन: नवोन्मेषी प्रसार दृष्टिकोणों, अभिसरण और बहु-हितधारक साझेदारियों के माध्यम से पहुंच से वंचित और अल्पसेवित कृषक समुदायों तक पहुंचना।
e) महत्वपूर्ण इनपुट और संसाधनों तक अपर्याप्त पहुंच: उन्नत कृषि पद्धतियों के अंगीकरण में तेजी लाने के लिए स्थानीय रूप से प्रासंगिक महत्वपूर्ण इनपुट तक पहुंच को सुगम बनाना।
f) जलवायु संवेदनशीलता तथा लैंगिक-असंवेदनशील प्रौद्योगिकियां: जलवायु-सहिष्णु कृषि को बढ़ावा देना तथा पोषण, स्वास्थ्य, आजीविका एवं कृषि महिलाओं के सशक्तिकरण में सुधार के लिए लैंगिक परिप्रेक्ष्य के साथ प्रौद्योगिकियों, पद्धतियों और नीतियों को परिष्कृत करना।

उभरते/भविष्य के क्षेत्र 
a) एआई-सक्षम एवं डेटा-संचालित कृषि प्रसार: व्यक्तिगत, स्थान-विशिष्ट कृषि परामर्श और प्रौद्योगिकी के कुशल प्रसार के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल प्लेटफॉर्म, परिशुद्ध प्रौद्योगिकियों और रियल-टाइम फीडबैक का लाभ उठाना।
b) बाजार-आधारित प्रसार तथा कृषि-उद्यमिता: किसानों की लाभप्रदता, ग्रामीण रोजगार और युवा उद्यमिता बढ़ाने के लिए एफपीओ, मूल्य श्रृंखलाओं, सार्वजनिक-निजी भागीदारी, मूल्य संवर्धन एवं कृषि व्यवसाय के अवसरों को मजबूत करना। 
c) प्रभाव आकलन और परिणाम-आधारित प्रसार: गतिविधि-आधारित निगरानी से आगे बढ़ते हुए प्रौद्योगिकी अंगीकरण, कृषि आय, उत्पादकता, स्थिरता एवं किसान सशक्तिकरण में मापनीय परिणामों की ओर बढ़ना।

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