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जुन्हेबोटो, नागालैंड में बैकयार्ड पोल्ट्री के माध्यम से आजीविका और पोषण सुरक्षा में वृद्धि |
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पारंपरिक आलू की खेती से अधिक लाभ तक: पश्चिम त्रिपुरा के किसान की यात्रा |
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घरेलू उपकरणों को चाय प्रसंस्करण मशीन में बदलना: असम के किसान का नवाचार |
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पारंपरिक टूना मत्स्यन से मत्स्यन के बेहतर अवसरों तक: मिनिकॉय, लक्षद्वीप में मछली एकत्रीकरण उपकरणों (एफएडी) की सफलता की कहानी |
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अंडमान की अपनी उपज, अंडमान के अपने उत्पाद: महिला उद्यमियों की सफलता की कहानी |
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अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में बायोफ्लॉक प्रणाली में उच्च घनत्व झींगा पालन की सफलता |
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प्रशिक्षण से बदली सोच, वैज्ञानिक खेती से बढ़ी आमदनी — श्री शंकर दत्त की प्रेरणादायक कहानी |
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श्री अन्न से समृद्धि तक: काजरी से प्रशिक्षण एवं तकनिकी सहयोग प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनी “गंगा राजीविका स्वयं सहायता समूह” की महिलाएं |
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बबली कोरंगा- स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं उत्तराखण्ड की सशक्त महिला उद्यमी |
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पूसा विश्वविद्यालय बना प्राकृतिक खेती का राष्ट्रीय मॉडल: पहले बैच के सभी 15 छात्रों को ₹15,000 तक की सवेतन इंटर्नशिप और नौकरी के प्रस्ताव |
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